माता वैष्णो देवी की आरती

जय माता दी, जय माता दी।
भक्तों के संकट हरहु, माता सदा।।

जय माता दी…

शंख-घंटा, दीप और पुष्प अर्पित कर,
भक्तों की मनोकामना पूर्ण करहु माता।।

जय माता दी…

त्रिपुरारी, त्रिनेत्रधारी, शक्ति स्वरूप है।
सदा सुख-समृद्धि, दृष्टि रखो भक्तों पर माता।।

जय माता दी…

अन्नकूट, फल और फूल भोग में अर्पित।
भक्तों के पाप और दुःख दूर करहु माता।।

जय माता दी…

आरती भवानी, जय शक्ति स्वरूपा।
सदा मंगलकारी, संकट हरहु माता।।

जय माता दी…

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